अगर आपने डेडपूल सिर्फ अंग्रेजी में देखा है, तो आपने आधी फिल्म देखी है। असली मजा तो तब है, जब डेडपूल कहता है:
जब यह फिल्म भारत में रिलीज हुई, तो दो चीजें हुईं। पहली: अंग्रेजी जानने वाले दर्शक थिएटर में हंसते-हंसते लोटपोट हो गए। दूसरी: एक बड़ा तबका (खासकर छोटे शहरों, सिंगल स्क्रीन, और नॉन-मेट्रो सिनेमाघरों में) यह सोचकर बैठा रह गया कि "यार, यह अंग्रेजी की स्लैंग हमारी समझ से बाहर है।"
साल 2016 था। मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स (MCU) अपने चरम पर था। सिविल वॉर जैसी फिल्में आ रही थीं, जहाँ हीरो सीरियस थे, उनके कॉस्ट्यूम साफ-सुथरे थे, और डायलॉग 'फैमिली फ्रेंडली' थे। तभी बीच में आई एक फिल्म जिसका पोस्टर लाल था, जिसका हीरो मास्क पहने हुए भी अश्लील हरकतें कर रहा था—।
लेकिन डेडपूल के मामले में, यह कोई समस्या नहीं है। क्यों? क्योंकि । उसके होंठ दिखते ही नहीं। यह एक अनजाना वरदान है। आप रेयान की आवाज की जगह एक हिंदी आवाज सुनते हैं, और आपका दिमाग मान लेता है—"हां, यह डेडपूल की ही आवाज है, जो पंजाबी में भी गाली दे सकती है।" डेडपूल हिंदी: एक सांस्कृतिक दस्तावेज भविष्य में जब कोई शोधकर्ता यह समझेगा कि 2010-2020 के दशक में भारतीय दर्शकों का हास्य कैसे बदला, तो वह डेडपूल हिंदी का जिक्र जरूर करेगा।