एलिस की जीत हुई। व्हाइट क्वेन वापस रानी बन गई। मैड हैटर ने एलिस के सामने घुटने टेक कर कहा, "फेयर फरवेल" (अलविदा)।
एक बार की बात है, एक बहादुर लड़की थी जिसका नाम एलिस था। वह अब छोटी नहीं रह गई थी, बल्कि 19 साल की जवान हो चुकी थी। उसकी माँ उसकी शादी एक अमीर लड़के लॉर्ड हैमिश से करवाना चाहती थी। लेकिन एलिस का मन नहीं था। वह हमेशा अजीबो-गरीब सपने देखती थी जिसमें एक खरगोश, एक बिल्ली और एक पागल हैटर होता था।
वहाँ उसे पता चला कि यह वही दुनिया है जो उसने बचपन के सपनों में देखी थी। लेकिन अब यहाँ सब कुछ उल्टा-पुल्टा था। वहाँ की रानी, रेड क्वीन (लाल रानी) नाम की बहुत क्रूर रानी थी, जिसका सिर बहुत बड़ा था। वह चिल्लाती थी, "उसका सिर कलम कर दो!" उसने अंडरलैंड पर अत्याचार कर रखा था। alice in wonderland 2010 in hindi
जब जहाज समंदर में चलने लगा, तो एलिस को आसमान में मुस्कुराती हुई चेशायर कैट की एक झलक दिखाई दी, जैसे कह रही हो – "कुछ भी असंभव नहीं है।"
हमें अपने डर का सामना करना चाहिए। यह कहानी हमें सिखाती है कि बड़े होने का मतलब अपनी कल्पनाओं को मारना नहीं, बल्कि उनसे ताकत लेना है। alice in wonderland 2010 in hindi
लेकिन इस बार एलिस ने बदलाव किया। उसने लॉर्ड हैमिश से शादी करने से मना कर दिया। उसने अपनी माँ से कहा, "मैं अपनी जिंदगी खुद जिऊँगी।" फिर उसने एक व्यापारिक जहाज के कप्तान बनने का फैसला किया।
वह बहुत देर तक गिरती रही। जब वह नीचे पहुँची, तो उसने एक छोटा सा दरवाजा देखा। उसने एक बोतल पीली जिस पर लिखा था "ड्रिंक मी" (मुझे पीओ) – और वह छोटी हो गई। फिर उसने एक केक खाया जिस पर लिखा था "ईट मी" (मुझे खाओ) – और वह बहुत बड़ी हो गई। आखिरकार, वह उस छोटे से दरवाजे से गुजरी और "अंडरलैंड" (वंडरलैंड) नामक जादुई दुनिया में पहुँच गई। alice in wonderland 2010 in hindi
आखिरी लड़ाई में, एलिस ने वह जादुई तलवार उठाई। सामने विशालकाय ड्रैगन था - जबरवॉक। एलिस ने बिना डरे उससे मुकाबला किया। वह तलवार चलाने में माहिर थी। एक ही वार में उसने ड्रैगन का सिर काट गिराया।